कलेक्टर मिशा सिंह ने जनता को किया आश्वस्त : घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक : शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित : रिफिल बुकिंग की अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन हुई
कलेक्टर ने सभी गैस वितरकों को निर्देश दिए हैं कि वे इन हेल्पलाइन नंबरों को अपने कार्यालय में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। निर्देशों का उल्लंघन करने पर एस्मा एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मिशा सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शहर के गैस वितरकों की बैठक ली। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले की सभी गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासन ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समयावधि में बदलाव करते हुए इसे अंतिम बार प्राप्त रिफिल के 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और अनावश्यक पैनिक बुकिंग से बचें।
बैठक में कलेक्टर ने सभी एलपीजी वितरकों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग का विवरण संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय को सुबह 11 बजे तक उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही गैस वितरकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि डिलीवरी मैन या हॉकर उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि न लें और FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रणाली के तहत पहले बुक किए गए सिलेंडरों की डिलीवरी पहले की जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डबल कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को दूसरा रिफिल निर्धारित 25 दिन की अवधि पूरी होने के बाद ही दिया जाएगा। वहीं व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों का वितरण फिलहाल केवल अनिवार्य सेवाओं जैसे अस्पताल, जेल और शैक्षणिक संस्थानों को ही किया जाएगा। अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रतिबंधित रहेगी।
गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कलेक्टर कार्यालय (खाद्य) रतलाम में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगा। उपभोक्ता व्हाट्सएप नंबर 9691115274 और 9425991291 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा foodoffrat@mp.gov.in ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।
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