राशि मिली न काम ,अखबारों में हैडिंग बनवाकर कराया बहुमान

मंत्री को भी जब इस ड्रामे का पता चला तो उन्होंने इस मामले को ठन्डे बस्ते में डाल दिया । राजनीतिक प्रतिद्वंदिता और श्रेय लूटने के चक्कर में शहर विकास प्राधिकरण का बंटाढार हो गया है।

Nov 19, 2025 - 11:22
Nov 19, 2025 - 11:24
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राशि मिली न काम ,अखबारों में हैडिंग बनवाकर  कराया बहुमान

चर्चा चौराहे की.......

सुजीत उपाध्याय

रतलाम : आजकल राजनीति में कोई  कार्य करना जितना जरुरी नहीं हैं उससे ज्यादा उसका प्रचार करना जरुरी हैं, यही हाल रतलाम का हैं, विकास कार्य का ढिंढोरा पिट दो, बस जनता को पता चल जाए के जनसेवक ने फलाना कार्य करवा दिया , ढिमका कार्य करवा दिया, जनता खुश और नेता मदमस्त।

https://prakashbharat.com/On-the-demand-of-former-Chairman-Ashok-Porwal,-Urban-Development-Minister-Shri-Kailash-Vijayvargiya-approved-a-loan-amount-of-Rs-25-crore-for-Ratlam-Development-Authority

कुछ माह पूर्व भी रतलाम शहर में ऐसा ही मामला सामने आया 

रतलाम विकास प्राधिकरण की माली हालत ख़राब देख, पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल ने नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से प्राधिकरण को ऋण के रूप में 50 करोड़  रुपये की राशि उपलब्ध करवाने का आग्रह पत्र सौपा, जिस पर मंत्री जी ने भी तुरंत विभाग को 25 करोड़ की राशि रतलाम विकास प्राधिकरण को उपलब्ध करने का आदेश दे डाला, अखबारों में भी पोरवाल के मंत्री जी से विकास के लिए राशि उपलब्ध करवाने के समाचार छापे गए।

बस फिर क्या था जनसेवक भी श्रेय लेने में कहा पीछे रहने वाले थे, पोरवाल की खबर छपने के दूसरे ही दिन जनसेवक ने भी राशि दिलाने का श्रेय लेने की खबर छपवा दी और फोन लगवा लगवाकर बुला बुलाकर प्रायोजित बहुमन भी करवा लिया।

अब शहर में चर्चा हैं की महीनों गुजरने के बाद भी अभी तक कोई राशि विकास प्राधिकरण को नहीं मिली।

 मंत्री को भी जब इस ड्रामे का पता चला तो उन्होंने इस मामले को ठन्डे बस्ते में डाल दिया । राजनीतिक प्रतिद्वंदिता और श्रेय लूटने के चक्कर में शहर विकास प्राधिकरण का बंटाढार हो गया है। 

अब देखना ये हैं की राशि मिलती हैं या नहीं ‌। बस मीडिया में श्रेय लेने तक ही यह मामला रह जाएगा या फिर शासकीय योजना अधर में ही लटक जाएगी।

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.