बिना ओटीपी और कॉल के पटवारी के खाते से उड़े 2.93 लाख, रतलाम में हाईटेक साइबर ठगी : जीपीएफ से निकाली रकम पर साइबर ठगों की नजर : तीन दिनों में खाते से पार किए लाखों रुपये
जानकारी के अनुसार काटजू नगर निवासी अशोक कुमार योगी राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने मार्च महीने में पारिवारिक जरूरतों के चलते अपने जीपीएफ खाते से पांच लाख रुपये निकाले थे, जो एसबीआई की कलेक्ट्रेट शाखा स्थित बैंक खाते में जमा थे।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां राजस्व विभाग में पदस्थ एक पटवारी के बैंक खाते से बिना किसी कॉल, ओटीपी या बैंक डिटेल साझा किए करीब 2.93 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले ने पुलिस और बैंक प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी हैकिंग या रिमोट एक्सेस के जरिए ठगी की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार काटजू नगर निवासी अशोक कुमार योगी राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने मार्च महीने में पारिवारिक जरूरतों के चलते अपने जीपीएफ खाते से पांच लाख रुपये निकाले थे, जो एसबीआई की कलेक्ट्रेट शाखा स्थित बैंक खाते में जमा थे। इसी खाते से साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 93 हजार 1 रुपये निकाल लिए।
पुलिस के मुताबिक 27 अप्रैल को खाते से पहली बार 98 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 28 अप्रैल को 97 हजार 1 रुपये और 29 अप्रैल को फिर 98 हजार रुपये निकाल लिए गए। लगातार तीन दिनों तक खाते से रकम निकलती रही, लेकिन पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी।
30 अप्रैल को जब अशोक योगी ने बैंक बैलेंस चेक किया, तब खाते से रकम गायब होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ठगी के दौरान उनके पास कोई कॉल नहीं आया और न ही उन्होंने किसी के साथ ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य जानकारी साझा की। यही वजह है कि मामला सामान्य साइबर फ्रॉड से अलग माना जा रहा है।
औद्योगिक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसआई देवीलाल पाटीदार के अनुसार जिन बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और साइबर एक्सपर्ट की मदद से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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