रावटी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया अंधे कत्ल का राज : अंधविश्वास के चलते महिला की जेठानी व दो पुत्र ने की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों के परिवार में लगातार हो रही मौतों और बीमारियों का दोष मृतिका को ठहराया गया। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की भ्रांत धारणाओं के चलते आरोपियों ने इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) थाना रावटी पुलिस ने ग्राम भीमपुरा में घटित महिला हत्या के प्रकरण का मात्र 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। अंधविश्वास के चलते की गई इस जघन्य हत्या में मृतिका की जेठानी और उसके दो पुत्रों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लोहे की पाइप, कपड़े और मोटर साइकिल भी जब्त किए हैं।
घटना अनुसार दिनांक 24 सितंबर को ग्राम भीमपुरा निवासी नानीबाई उर्फ नर्मदाबाई पति कैलाश भूरिया (उम्र 48 वर्ष) की हत्या कर दिए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर थाना रावटी पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और फरियादी हरिराम पिता भूरजी गामड़ की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 455/25 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
जांच और खुलासा
पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश खाखा के मार्गदर्शन और एसडीओपी सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों, एफएसएल प्रभारी अतुल मित्तल, सायबर टीम व डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि मृतिका की जेठानी धन्नाबाई पति बद्री भूरिया, और उसके पुत्र शंकर भूरिया व बापु भूरिया ने मृतिका को ‘डाकन’ (डायन) मानकर षड्यंत्रपूर्वक हत्या कर दी। आरोपियों ने 24 सितंबर की रात मृतिका को घर में अकेला पाकर कुल्हाड़ी और लोहे की पाइप से हमला किया और शव को छत से नीचे फेंक दिया।
हत्या का कारण
आरोपियों के परिवार में लगातार हो रही मौतों और बीमारियों का दोष मृतिका को ठहराया गया। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की भ्रांत धारणाओं के चलते आरोपियों ने इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी
1. शंकर पिता बद्री भूरिया (उम्र 36 वर्ष), बापु पिता बद्री भूरिया (उम्र 32 वर्ष), धन्नाबाई पति बद्री भूरिया (उम्र 55 वर्ष) (सभी निवासी ग्राम भीमपुरा)
सराहनीय भूमिका
हत्या का पर्दाफाश करने में निरीक्षक दीपक कुमार मण्डलाई (थाना प्रभारी रावटी), निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उनि. एम.आई. खान, उनि. पी.एस. हटिला, उनि. निशा चौबे, सउनि. गणेश शर्मा, प्र.आर. बद्रीलाल चौधरी, प्र.आर. देवेन्द्र गामड, प्र.आर. आतीश धानक, आर. राहुल मेडा, आर. महेश मैडा, आर. अवधेश परमार, आर. राहुल चौहान, आर. निलेश कटारा, आर. सुरेन्द्र राठौर, आर. बहादुर डांगी, सायबर सेल टीम व एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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