तेज़तर्रार आईएएस वैशाली जैन बनीं रतलाम जिला पंचायत की सीईओ : रीवा में सख्त निर्णयों से रही चर्चित
इससे पहले वे रीवा जिले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर पदस्थ थीं, जहां उन्होंने अपने तेज़-तर्रार कार्यशैली और निष्पक्ष निर्णयों से प्रशासनिक हलकों में विशेष पहचान बनाई
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी वैशाली जैन को रतलाम जिला पंचायत का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। पदभार संभालने के बाद सुश्री जैन ने कहा कि जिले में सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
दिल्ली निवासी वैशाली जैन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में अखिल भारतीय रैंक 21 हासिल कर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया था। इससे पहले वे रीवा जिले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर कार्यरत थीं।
वैशाली जैन की बड़ी बहन अंकिता जैन ने भी उसी वर्ष की परीक्षा में तीसरी रैंक प्राप्त कर देशभर में मिसाल कायम की थी। दोनों बहनों ने मिलकर एक साथ तैयारी की, साझा नोट्स से अध्ययन किया और एक-दूसरे का सहारा बनकर UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
सुश्री जैन ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से बी.टेक और आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है।
इसलिए हुई चर्चित
रतलाम से पहले वे रीवा जिले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर पदस्थ थीं, जहां उन्होंने अपने तेज़-तर्रार कार्यशैली और निष्पक्ष निर्णयों से प्रशासनिक हलकों में विशेष पहचान बनाई।
रीवा में अपने कार्यकाल के दौरान वैशाली जैन ने आरटीओ की अवैध वसूली पर छापामार कार्रवाई, खाद्य विभाग की कालाबाजारी पर रोक और भू-अर्जन घोटाले के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए। इन कार्रवाइयों ने उन्हें एक साहसिक और सशक्त अधिकारी के रूप में स्थापित किया।
उनकी ईमानदारी और निडर रवैये के चलते रीवा में उन्हें “तेज़-तर्रार एसडीएम” के रूप में ख्याति मिली। जब उनका स्थानांतरण रतलाम के लिए हुआ, तो रीवा अधिवक्ता संघ ने उनके सम्मान में एक अनोखा विदाई समारोह आयोजित किया। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने उन्हें तराजू में लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया — उनकी निष्ठा और निष्पक्षता की मिसाल पेश करते हुए
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