कांग्रेस के बहिर्गमन से बिना बहस के निगम बजट पारित : कांग्रेस के वादाखिलाफी के आरोप पर बोले महापौर : वादे से धोखाधड़ी का आरोप असत्य,अपने वायदे पर कायम हूं : छोटे गरीब व्यापारियों से नहीं लेंगे कोई शुल्क
बजट सत्र के दौरान महापौर प्रहलाद पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन पर चुनाव में किए गए वादे से धोखाधड़ी के जो आरोप लगे हैं, वह असत्य है। वह अभी भी अपने वायदे पर कायम है
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) बजट सत्र में कांग्रेस बाजार शुल्क और संपत्तिकर में वृद्धि के विरोध में सत्र से बहिर्गमन करने से बजट बिना किसी विरोध के पारित हो गया। कांग्रेस ने महापौर पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था जिस पर महापौर प्रहलाद पटेल ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा।
महापौर ने कहा- गरीबों से नहीं लेंगे पैसा
बजट सत्र के दौरान महापौर प्रहलाद पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन पर चुनाव में किए गए वादे से धोखाधड़ी के जो आरोप लगे हैं, वह असत्य है। वह अभी भी अपने वायदे पर कायम है।
उन्होंने कहा कि बाजार शुल्क पूरे प्रदेश में लागू है लेकिन रतलाम एकमात्र शहर है, जहां अभी तक बाजार शुल्क बंद है। शासन के निर्देश है कि बाजार शुल्क का निर्धारण किया जाए। शुल्क का निर्धारण नहीं होने की वजह से पूर्व में भी विकास कार्यों के लिए आने वाला पैसा रुक गया है। यदि अभी भी शुल्क निर्धारण नहीं हुआ तो 15वें वित्त आयोग से रतलाम नगर निगम को मिलने वाले पैसा रुक जाएगा।
महापौर ने कहा कि अभी भी सड़क पर बैठकर व्यापार करने वाले छोटे गरीब व्यापारियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। जो व्यक्ति सड़क पर ज्यादा जगह घेर कर व्यापार कर रहा है उससे ही निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
संपत्तिकर वृद्धि के मामले भी में भी महापौर ने कहा कि विपक्ष द्वारा 5 साल का कर वसूलने का भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं है। पूर्व में रतलाम में 60 हजार संपत्ति करदाता थे।
जीआईएस सर्वे में यह संख्या 82 हजार से अधिक पहुंच गई है। जिन लोगों ने बिना अनुमति के अधिक निर्माण कर लिया है उनसे 1 वर्ष का शुल्क और पांच प्रतिशत पेनल्टी ली जा रही है। जबकि नियम अनुसार निर्माण अनुमति के दिन से पेनल्टी लेने का प्रावधान है। शासन के निर्देश के अनुसार ही संपत्ति कर में 10% की वृद्धि की गई है। जो पैसा नगर निगम को प्राप्त होगा वह शहर के विकास में लगेगा।
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