मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता का अपमान, भाजपा की तालिबानी सोच उजागर : मनरेगा हटाकर भाजपा लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म करना चाहती है – शांतिलाल वर्मा
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि भाजपा ने रोजगार गारंटी योजना में आजीविका मिशन जोड़कर भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग किया है, जो पूर्णतः अधर्म है
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को समाप्त कर उसके स्थान पर वीबी-जीरामजी योजना लागू करना भाजपा की तालिबानी प्रवृत्ति को दर्शाता है। यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत साफ होती, तो योजना के स्वरूप में आवश्यक सुधार किए जा सकते थे, लेकिन उसमें से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना एक सोची-समझी राजनीतिक मानसिकता को उजागर करता है। यह बात शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने कही। वे मनरेगा के स्थान पर वीबी-जीरामजी योजना लागू किए जाने के विरोध में शहर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरने को संबोधित कर रहे थे।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि भाजपा ने रोजगार गारंटी योजना में आजीविका मिशन का नाम जोड़कर भगवान राम के नाम का दुरुपयोग करने का अधर्म किया है। मनरेगा के तहत खेतिहर मजदूरों को काम के अधिकार का स्वाभिमान मिला था, लेकिन वीबी-जीरामजी योजना के माध्यम से मजदूरों को अफसरशाही और लालफीताशाही का गुलाम बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इस योजना का बिहार मॉडल की तर्ज पर दुरुपयोग किया जाएगा।
सकलेचा ने कहा कि जब इस योजना के अंतर्गत सड़क, पुल, स्कूल जैसे निर्माण कार्य होंगे, तो ग्रामीण मजदूरों को सीधा भुगतान कैसे मिलेगा? स्पष्ट है कि इसका सीधा लाभ उद्योगपतियों और ठेकेदारों को पहुंचाया जाएगा। साथ ही सभी राज्य इस योजना के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर होंगे, जिससे गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ खुला पक्षपात किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा द्वारा गांधीजी का नाम हटाना देश की अच्छी परंपराओं के विपरीत है। भाजपा को साफ-साफ यह भी कह देना चाहिए कि वह भारत की करेंसी से गांधीजी की तस्वीर हटाकर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाना चाहती है।
इस अवसर पर पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा, पूर्व किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामचंद्र धाकड़, पूर्व कार्यकारी शहर अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह अठाना, जावरा के वरिष्ठ नेता वरुण श्रोत्रीय, नगर निगम में उप नेता कमरुद्दीन कछवाया, वरिष्ठ पार्षद वहीद भाई शेरानी, राजीव रावत, सलीम मोहम्मद बागवान, हितेश पेमाल, जोएब आरिफ सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
सभा के समापन पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार रामचंद्र पांडेय को सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन सुजीत उपाध्याय ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रदीप राठौर ने माना।
धरने में आशा रावत, नासिर कुरैशी, पियूष बाफना, विजय उपाध्याय, युसूफ शाह, मनोज कोईवाल, राजेश बोहरा, आरिफा कछवाया, राधा राठौड़, जगदीश अकोदिया, राजनाथ यादव, अशोक जैन लाला, सोनू व्यास, गफूर भाई, राजेश प्रजापत, संजय कांडकर, आयेशा कुरैशी, शांतिलाल छपरी, हरविंद्र सिंह, रोहित मीणा, रईश मेव, इमरान खान, गौरव सिंह, देवचंद्र सायल, वीरेंद्र प्रताप सिंह, दिलीप चाकी, कपिल मजावदिया, पंतली जोशी, धर्मेंद्र शर्मा, रवि वर्मा, धर्मेंद्र मंडवारिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
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