अपना घर आश्रम रतलाम से मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का हुआ सफल पुनर्वास : बिछड़ा भाई दिवाली से पहले मिला परिवार से
इसी दौरान, 15 अक्टूबर 2025 को प्रभु जी ने अपने बारे में कुछ जानकारी देना शुरू किया। इसके आधार पर आश्रम प्रबंधन ने अपना घर आश्रम रायपुर (छत्तीसगढ़) से संपर्क किया
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपना घर आश्रम रतलाम ने एक बार फिर एक परिवार को खुशियों से जोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, श्री राय सिंह नामक प्रभु जी को दिनांक 25 अगस्त 2025 को श्री निर्मल जी की सूचना पर रेस्क्यू कर अपना घर आश्रम रतलाम लाया गया था।
आश्रम में आने के बाद ठाकुर जी की असीम कृपा, आश्रम प्रबंधन की सेवा भावना और शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम के चिकित्सा स्टाफ की समर्पित देखभाल से प्रभु जी की मानसिक स्थिति में निरंतर सुधार हुआ।
इसी दौरान, 15 अक्टूबर 2025 को प्रभु जी ने अपने बारे में कुछ जानकारी देना शुरू किया। इसके आधार पर आश्रम प्रबंधन ने अपना घर आश्रम रायपुर (छत्तीसगढ़) से संपर्क किया। वहां से आगे जानकारी प्राप्त कर प्रभु जी के नजदीकी गांव के सरपंच के माध्यम से उनके भाई से संपर्क स्थापित हुआ।
दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को प्रभु जी के भाई अपने पड़ोसी के साथ अपना घर आश्रम रतलाम पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रभु जी काम की तलाश में हैदराबाद जा रहे थे, लेकिन रास्ते में मानसिक अस्थिरता के कारण रतलाम स्टेशन पर उतर गए थे। परिजन ने उन्हें काफी खोजा, पर वे नहीं मिले।
आश्रम से प्रभु जी को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। उनका परिवार उन्हें लेकर ग्राम मुरका, पोस्ट केरता, जिला बलरामपुर (छत्तीसगढ़) के लिए रवाना हुआ।
दिवाली के पूर्व प्रभु जी का अपने परिवार से मिलन भावनात्मक क्षण रहा। आश्रम परिवार ने प्रभु जी के पुनर्वास को “मानवता की सच्ची दीपावली बताया।
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