मंडल कार्यालय के टिकट वाले विभाग में आखिर ये हो क्या रहा है।

इसी विभाग में आजकल काले कोटवालों की ड्यूटी लगाने का काम एक ऐसे व्यक्ति को दे दिया जो कोर्ट से खुद को बड़ा बना कर ले आया लेकिन देखा जाए तो काले कोर्ट वालों की ड्यूटी लगाने का काम किसी सीनियर के हाथ दिया जाता है

Jun 8, 2025 - 14:13
Jun 9, 2025 - 06:10
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मंडल कार्यालय के टिकट वाले विभाग में आखिर ये हो क्या रहा है।

रेलवे की खरी खरी

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) जैसा कि हम सबको पता है कि रतलाम शहर में एक रेल मंडल कार्यालय भी है यहां का एक विभाग जो टिकट बनाने वालों से लेकर टिकट चेक करने वाले बाबू तक का डिपार्टमेंट होता है यहीं पर चल रही पिछले कुछ महीनों की गड़बड़ियां की व्यथा सुनाता रेलवे की खरी खरी ।

इसी मंडल के अंतर्गत आने वाले विभाग में काले कोट वालों के काम का लेखा जोखा एक विजिलेंस से आए भैया को दे दिया अब इस विभाग की मैडम उनकी सुन लेती है इस नाते की यह भैया अकलमंद है अब वह भैया जैसा दिखा दे वैसा मैडम मान लेती है पर मैडम को यह नहीं पता कि इनकी आड़ में कितने झाड़ कट रहे हैं अब देखना यह है कि मैडम कब तक इनकी झूठी सच्ची सुनती रहती हैं और कब तक आड़ में झाड़ कटते हैं 

इसी विभाग में आजकल काले कोटवालों की ड्यूटी लगाने का काम एक ऐसे व्यक्ति को दे दिया जो कोर्ट से खुद को बड़ा बना कर ले आया लेकिन देखा जाए तो काले कोर्ट वालों की ड्यूटी लगाने का काम किसी सीनियर के हाथ दिया जाता है अब यह जूनियर कम हाइट के टिंगु जी को दिया, जिनके पड़ोसी ने कभी इनके यहां नल आने पर पानी नहीं भरने दिया और ना ही कभी इन साहब ने पड़ोसियों से बनाने की कोशिश करी अपने विभाग के ही लोगों से कई बार साहब थप्पड़ घुसे भी खा चुके हैं और आज वही काले कोट वालों की ड्यूटी लगाने के हेड बन गए अब बन भी क्यों ना उन्हें विजिलेंस से आए आड़ में झाड़ काट रहे का सपोर्ट जो मिल रहा है ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी का आलम यह है कि जिस दिन ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी को सोमरस का पान करना हो तो टिंगू जी को लेने एक काले कोट वाले गुर्गे की महंगी गाड़ी आती है साहब उसमें सोमरस पान करते हैं साथ में **आड़ में झाड़ काट रहे** भैया भी रहते हैं अन्य लोगों के सामने ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी अपने आप को ईमानदार बताते हैं 

वैसे इन ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी उन दरबारों के खास है जिन दरबारों से साहब ने चलती गाड़ी में जूते भी खाए और रिपोर्ट भी कराई ,और इतना ही नहीं एक बार इन टिंगू जी ने ही अपने ही विभाग के व्यक्ति की दूसरे व्यक्ति को मोहरा बनाकर रिपोर्ट करवाई थी उसके कारण ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी का तात्कालिक अधिकारी का स्थानांतरण उज्जैन कर दिया था, और वो प्रताणित इंसान को हाई कोर्ट जमानत के बाद आराम मिला, लेकिन इनके विभाग का ही वह व्यक्ति जो की एक ईमानदार इंसान कहलाता था आखिर उस तनाव के कारण दुनिया को अलविदा कह गया । 

 ऐसे व्यक्ति को इस तरह का काम सौंपना विभाग की भी बदनामी है इस बात के लिए विभाग के प्रमुखों को सोचना चाहिए।

अब खेलकूद के एक नेता उतरे मैदान में

जैसा कि पता चला कि ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी ईमानदारी की आड़ में झाड़ काट रहे हैं वैसे ही कई वर्षों से इस डिपार्टमेंट में जुड़े रहने वाले भाजपा के एक नेता की एंट्री हो गई उन्होंने देखा की ड्यूटी लगाने वाले टिंगू जी और विजिलेंस से आए भैया दोनों मिलकर कई अन्य लोगों का शोषण कर रहे हैं तो बस फिर क्या बहुत दिन से सोए हुए नेताजी एकदम से जागृत हुए बीच में तो ऐसा लगता था की नेताजी ने रेलवे से मुंह मोड़ लिया कुछ भी हो उन्हें कोई मतलब नहीं,

अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता

लेकिन इस अति के हो रहे विरोध में कुछ लोग जब उनके पास पहुंचे तो बस नेताजी कागज पेन लेकर तैयार हो गए और अभी की कुछ पोस्ट देखकर ऐसा लग रहा है की नेताजी अब जाग गए हैं अब कितनी देर के लिए जागे हैं यह तो नहीं पता लेकिन हां अगर नेताजी लंबे समय तक जगे रहे तो टिंगू जी और विजिलेंस से आए भैया की छुट्टी हो सकती है।

रेलवे की खरी खरी में बाकी अगले हफ्ता कुछ और नई बातों के साथ मिलेंगे

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.