महू-नीमच हाईवे पर बढ़ते हादसों से ग्रामीणों का आक्रोश: बाजेड़ा फंटे पर छात्रों व किसानों ने किया चक्काजाम
ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर कई स्थानों पर अंडरपास या सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं होने के कारण रोजाना जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) महू-नीमच हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों से परेशान ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह बाजेड़ा फंटे पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। दो दिन पहले इसी स्थान के पास एक वाहन की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी की मौत के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर कई स्थानों पर अंडरपास या सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं होने के कारण रोजाना जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा के नेतृत्व में ग्रामीण, किसान व विद्यार्थी बड़ी संख्या में बाजेड़ा फंटे पर एकत्र हुए और सड़क पर धरना देकर करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया। सूचना मिलने पर नामली थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी एमपीआरडीसी अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
कुछ देर बाद रतलाम ग्रामीण तहसीलदार मौके पर पहुंचीं। किसान नेता राजेश भरावा ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बाजेड़ा फंटे पर अंडरपास या अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आंदोलन और व्यापक होगा।
भरावा ने कहा कि हाईवे से गुजरने वाले 20 से अधिक गांवों के लोगों की जान हर दिन खतरे में रहती है। वाहनों की गति 120 से 150 किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण लंबे समय से अंडरपास या चैनल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
बाजेड़ा फंटे पर अंडरपास का निर्माण
अन्य स्थानों पर सुरक्षा चैनल या बैरिकेडिंग
हाईवे पर गति नियंत्रण के ठोस उपाय
चक्काजाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त किया गया, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।
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