स्वतंत्रता दिवस पर रतलाम पुलिस को दोहरा गौरव : एएसपी राकेश खाखा और टीआई अय्यूब खान को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
एएसपी राकेश खाखा को राष्ट्रपति पुलिस मेरीटोरियस सेवा पदक से नवाजा गया, वहीं टीआई अय्यूब खान को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार (गैलेंट्री अवॉर्ड) प्राप्त हुआ
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार रतलाम जिले के लिए गर्व का दोहरा मौका रहा। भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में आयोजित परेड समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रतलाम जिले के दो जांबाज पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया।
एएसपी राकेश खाखा को राष्ट्रपति पुलिस मेरीटोरियस सेवा पदक से नवाजा गया, वहीं टीआई अय्यूब खान को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार (गैलेंट्री अवॉर्ड) प्राप्त हुआ। जैसे ही मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों को मंच पर सम्मानित किया, वहां मौजूद हर व्यक्ति तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन करता नजर आया।
राकेश खाखा: 25 वर्षों की ईमानदार सेवा का सम्मान
एएसपी राकेश खाखा को यह पदक उनकी 25 वर्षों की उत्कृष्ट, निष्कलंक और समर्पित सेवा के लिए प्रदान किया गया है। खाखा ने बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के प्रमुख शहरों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2000 में डीएसपी पद से करियर शुरू करने वाले खाखा को पूर्व में केंद्रीय गृह मंत्रालय से उत्कृष्ट सेवा पदक (2022) सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके खाखा का नाम ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन चुका है।
अय्यूब खान : बहादुरी का प्रत्यक्ष उदाहरण
बिलपांक थाना प्रभारी टीआई अय्यूब खान को यह सम्मान सैलाना थाना प्रभारी रहते हुए किए गए साहसिक एनकाउंटर के लिए दिया गया। उन्होंने 6 हत्याओं के आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश दिलीप दिवेल का सामना कर उसे मार गिराया। इस अदम्य साहस के लिए 2024 में पुरस्कार की घोषणा हुई थी, जो अब सम्मान में तब्दील हुआ।
खंडवा निवासी अय्यूब खान ने वर्ष 2010 में एसआई पद से पुलिस सेवा में प्रवेश किया था और रतलाम, इंदौर व बालाघाट जैसे जिलों में सराहनीय सेवाएं दी हैं।
रतलाम पुलिस के लिए गर्व का क्षण
रतलाम एसपी अमित कुमार और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों ने दोनों अफसरों को बधाई दी। पूरा जिला पुलिस महकमा उत्साह और गर्व से भरा है। पुलिस विभाग के अनुसार, इन दोनों अधिकारियों की उपलब्धियां न केवल विभाग की, बल्कि पूरे रतलाम जिले के लिए गर्व की बात हैं।
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