अपना घर आश्रम रतलाम में 10 साल बाद मां-बेटे का भावुक मिलन : आंखें हुईं नम
28 अगस्त की रात आश्रम प्रभारी श्री प्रदीप वर्मा जी ने बातचीत के दौरान प्रभु जी से कुछ पारिवारिक जानकारी प्राप्त की और झाबुआ निवासी श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव की मदद से उनके परिवार का पता लगाया गया
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज) "अपना घर आश्रम" रतलाम में आज एक भावनात्मक और आंखें नम कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब एक मां ने 10 वर्षों बाद अपने लापता पुत्र से मुलाकात की।
श्री राम शंकर उर्फ प्रहलाद त्रिपाठी को 23 जून 2024 को गंभीर मानसिक एवं शारीरिक स्थिति में आश्रम में भर्ती कराया गया था। आश्रम के सेवकों और मेडिकल कॉलेज रतलाम के डॉक्टरों की सतत सेवा और देखभाल से उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।
28 अगस्त की रात आश्रम प्रभारी श्री प्रदीप वर्मा जी ने बातचीत के दौरान प्रभु जी से कुछ पारिवारिक जानकारी प्राप्त की और झाबुआ निवासी श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव की मदद से उनके परिवार का पता लगाया गया।
29 अगस्त की सुबह प्रभु जी के गांव खवासा (जिला झाबुआ) में पड़ोसी श्री ओमप्रकाश दुबे को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही प्रभु जी की वृद्ध मां, जो वर्षों से अपने पुत्र की बाट जोह रही थीं, भावुक होकर तुरंत रतलाम रवाना हुईं।
आश्रम में मां-बेटे का मिलन अत्यंत भावुक क्षण था, जिसे देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। कागजी कार्यवाही के पश्चात प्रभु जी को उनके गांव खुशी-खुशी विदा किया गया।
"अपना घर आश्रम" परिवार ने प्रभु जी के स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना करते हुए उन्हें विदाई दी।
What's Your Reaction?



