रतलाम में 35 लाख की जमीन ठगी: गोल्ड कॉम्प्लेक्स सौदे में कॉलोनाइजर मनीष सुराणा पर FIR : 62 करोड़ में तय हुआ था सौदा, फर्जी दस्तावेज दिखाकर बयाना हड़पने का आरोप
पुलिस के अनुसार फरियादी देवेंद्र सोनी (निवासी सिलीकॉन सिटी, इंदौर) ने शिकायत दर्ज कराई कि फरवरी 2024 में परिचित मनीष सुराणा उनके इंदौर स्थित निवास पर आया और रतलाम शहर के गोल्ड कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित भूमि का सौदा कराने का प्रस्ताव रखा।
रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) नगर निगम कार्यालय के सामने निर्माणाधीन गोल्ड कॉम्प्लेक्स की जमीन के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इंदौर निवासी सराफा कारोबारी की शिकायत पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने कॉलोनाइजर मनीष सुराणा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार फरियादी देवेंद्र सोनी (निवासी सिलीकॉन सिटी, इंदौर) ने शिकायत दर्ज कराई कि फरवरी 2024 में परिचित मनीष सुराणा उनके इंदौर स्थित निवास पर आया और रतलाम शहर के गोल्ड कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित भूमि का सौदा कराने का प्रस्ताव रखा। प्रारंभिक रूप से 70 करोड़ रुपये कीमत बताई गई, जो बाद में 62 करोड़ रुपये में तय हुई। कुछ दिन बाद सुराणा टाइप की गई सौदा चिट्ठी लेकर पहुंचा, जिसमें 35 लाख रुपये बयाना प्राप्त करने का उल्लेख था।
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाने का आरोप
शिकायत में आरोप है कि सुराणा ने दो पावर ऑफ अटॉर्नी दस्तावेज दिखाए, जिनमें मेहरूननिसा (निवासी छोटी सरवन, बांसवाड़ा, राजस्थान) और नासिर खान (निवासी रतलाम) को पक्ष-1 दर्शाते हुए स्वयं को मुख्त्यारग्राही बताया गया। संबंधित भूमि सर्वे क्रमांक 105 एवं 106, कस्बा रतलाम की बताई गई। हालांकि दस्तावेजों पर ई-स्टाम्प संलग्न नहीं थे। पूछने पर सुराणा ने ई-स्टाम्प नासिर खान के पास होने की बात कही और भूमि विवाद न्यायालय में लंबित होने की जानकारी देते हुए आश्वासन दिया कि निर्णय पक्ष में आने पर रजिस्ट्री कर दी जाएगी, अन्यथा बयाना राशि लौटा दी जाएगी।
35 लाख रुपये नकद दिए, बाद में हुआ संदेह
शिकायतकर्ता के अनुसार गवाहों की मौजूदगी में 35 लाख रुपये नकद दिए गए। बाद में ई-स्टाम्प प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संदेह हुआ। जब फरियादी रतलाम पहुंचकर नासिर खान से मिले तो उसने किसी भी प्रकार का मुख्त्यारनामा निष्पादित करने से इनकार कर दिया। उसने पांच लाख रुपये मिलने की बात स्वीकार की, जबकि शेष 30 लाख रुपये मनीष सुराणा के पास होना बताया।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
बताया जा रहा है कि मनीष सुराणा के खिलाफ पूर्व में भी अवैध कॉलोनी निर्माण को लेकर प्रकरण दर्ज हो चुका है। ग्राम बड़ोदिया की भूमि पर बिना लैंड डायवर्जन आदेश के निर्माण एवं प्लॉट बिक्री का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
जांच जारी
स्टेशन रोड थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दस्तावेजों की सत्यता, धनराशि के लेनदेन और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
— पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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