इंजीनियर की मनमानी से पटरीपार में जल त्राहि-त्राहि : 7 दिन से एक लाख लोग प्यासे : महापौर ने किसे कहा -“क्या आपने मेरी सुपारी ले रखी है?

मामला जब महापौर प्रहलाद पटेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने इंजीनियर को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। महापौर ने साफ शब्दों में कहा— “क्या आपने मेरी सुपारी ले रखी है? बिना मेरे और आयुक्त साहब के संज्ञान में लाए काम कैसे शुरू कर दिया?

Dec 19, 2025 - 09:14
Dec 19, 2025 - 09:14
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इंजीनियर की मनमानी से पटरीपार में जल त्राहि-त्राहि : 7 दिन से एक लाख लोग प्यासे : महापौर ने किसे कहा -“क्या आपने मेरी सुपारी ले रखी है?

रतलाम (प्रकाशभारत न्यूज़) शहर के पटरीपार क्षेत्र की जनता पिछले एक सप्ताह से भीषण जल संकट का सामना कर रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि करीब एक लाख से अधिक नागरिक बूंद-बूंद पानी को तरसने को मजबूर हैं।

अमृत 2.0 योजना के तहत कार्यरत गुजराती कंपनी एनपी पटेल और रतलाम नगर निगम के जलप्रदाय विभाग के इंजीनियरों की गंभीर लापरवाही का खामियाजा पटरीपार क्षेत्र के 9 वार्डों के रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है।

मामला ऋतुराज संपवेल की पाइपलाइन शिफ्टिंग से जुड़ा है, जहां काम को अत्यधिक जल्दबाजी में, बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ की निगरानी के शुरू कर दिया गया। दावा किया गया था कि यह कार्य एक दिन में पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है और क्षेत्र की जलप्रदाय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

इस एक गलत फैसले की कीमत आज पटरीपार क्षेत्र के एक लाख से अधिक नागरिक चुका रहे हैं, जो पिछले सात दिनों से पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हालात को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

चुनाव के समय शहरवासियों से प्रतिदिन जलापूर्ति के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन परिषद के लगभग तीन वर्ष पूरे होने को हैं और आज भी ये वादे कागजों से बाहर निकलते नजर नहीं आ रहे।

मामला जब महापौर प्रहलाद पटेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने संबंधित इंजीनियर को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“क्या आपने मेरी सुपारी ले रखी है? बिना मेरे और आयुक्त साहब के संज्ञान में लाए काम कैसे शुरू कर दिया? आपकी वजह से पटरीपार के एक लाख लोग जल संकट से जूझ रहे हैं।”

इंजीनियर से चर्चा करते महापौर प्रेहलाद पटेल 

महापौर के इस बयान से नगर निगम में व्याप्त अनुशासनहीनता और मनमानी कार्यशैली उजागर होती है, जहां अधिकारी अपनी मर्जी से फैसले ले रहे हैं और उसकी सजा आम जनता को भुगतनी पड़ रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार इंजीनियरों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?

या फिर हर बार की तरह यह मामला भी फोन कॉल और समझाइश के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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Sujeet Upadhyay Sujeet Upadhyay is a senior journalist who have been working for around Three decades now. He has worked in More than half dozen recognized and celebrated News Papers in Madhya Pradesh. His Father Late shri Prakash Upadhyay was one of the pioneer's in the field of journalism especially in Malwanchal and MP.