विधायक पांडे के प्रयासों से जावरा में स्वस्थ सेवा में विस्तार : 1 करोड 4 लाख रुपए की लागत से बनेगा 12 बिस्तरीय नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई
नवजात शिशुओं को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए सभी प्रकार के संसाधन व उपकरण उपलब्ध रहेंगे

रतलाम(प्रकाशभारत) जावरा क्षेत्र को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकसित करने के प्रयासों में एक और सफलता मिली है। स्वस्थ मंत्रालय से नवजात शिशु की गहन चिकित्सा इकाई की स्वीकृति मिल गई है। अब तक यह सुविधा सिर्फ जिला स्तर के बाल चिकित्सालय में ही उपलब्ध थी।
उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय के निरंतर प्रयासों से जावरा विधानसभा क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके, इस हेतु विगत वर्षों से प्रयास किये जा रहे हैं । विधायक डॉ. पांडेय के प्रयासों से जरा में पहले ही महिला व बाल चिकित्सालय की सौगात मिली चुकी है। इसके अलावा बाल चिकित्सालय में पृथक से बच्चों का पीकू व आईसीयू वार्ड भी बनाया गया। जावरा विधानसभा क्षेत्र को चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास के फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग ने सिविल हॉस्पिटल जावरा को एसएनसीयू इकाई की नई सौगात दी है।
जानकारी के अनुसार लगभग 1 करोड 4 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 12 बिस्तरीय नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में नवजात बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए सभी प्रकार के संसाधन व उपकरण उपलब्ध रहेंगे। बाल चिकित्सालय में न्यू बोर्न केयर यूनिट की सुविधा है, जिसमे नवजात बच्चों को रखा जा सकता है, लेकिन एसएनसीयू वार्ड नही होने से नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा नही मिल पाती। इसके लिए जिला स्तर पर बाल चिकित्सालय में उपचार कराना पड़ता है।
इस कठिनाई को दृष्टिगत रखते हुए विधायक डॉ पांडेय ने स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का इस ओर ध्यान आकृष्ट कर सुविधा देने का आग्रह किया था जिसके फलस्वरूप राज्य शासन लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस हेतु स्वीकृति प्रदान कर दी है जिसके अंतर्गत नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए 12 बिस्तर का वातानुकूलित नवीन वार्ड बनाया जाएगा जिसके लिए पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वार्ड में नवजात शिशु के साथ माता की भी देखभाल की जाएगी। जावरा बाल चिकित्सालय में एसएनसीयू वार्ड की सौगात मिलने से हर्ष है।
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